दो साल बाद जेल में बंद विचाराधीन कैदी की मौत मामले में हत्या का केस दर्ज, अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR
श्रवण सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत की जांच ने लिया नया मोड़, सिर पर गंभीर चोट के बाद पुलिस ने शुरू की हत्या की विवेचना
बिलासपुर केंद्रीय जेल में विचाराधीन बंदी श्रवण सूर्यवंशी उर्फ श्रवण ताम्रे की मौत के मामले में करीब दो वर्ष बाद बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। न्यायिक जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की लागू समकक्ष धारा के अनुरूप हत्या का मामला दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के साथ ही लंबे समय से चर्चा में रहे कस्टोडियल डेथ मामले की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम मोहरा, थाना सीपत निवासी 34 वर्षीय श्रवण सूर्यवंशी को आबकारी अधिनियम के एक मामले में गिरफ्तार कर जनवरी 2024 में बिलासपुर केंद्रीय जेल भेजा गया था। 21 जनवरी को जेल में उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 22 जनवरी की सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। प्रारंभिक तौर पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई, लेकिन न्यायिक जांच के दौरान पोस्टमार्टम, एफएसएल, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट, वीडियोग्राफी, पंचनामा और गवाहों के बयान सहित सभी साक्ष्यों की समीक्षा में सामने आया कि मृत्यु सिर में लगी गंभीर चोट और उससे उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुई थी। चिकित्सकीय रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि चोट किसी कठोर एवं भोथरी वस्तु से लगना संभव है, जबकि रासायनिक परीक्षण में किसी प्रकार का विष नहीं मिला।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की जांच रिपोर्ट 22 जुलाई 2024 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपे जाने के बाद मामले का परीक्षण किया गया। मृतक के परिजनों ने जांच के दौरान किसी व्यक्ति पर प्रत्यक्ष संदेह तो व्यक्त नहीं किया, लेकिन गिरफ्तारी के बाद जेल में हुई मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उपलब्ध साक्ष्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 30 जुलाई 2026 को अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि श्रवण के सिर पर घातक चोट किन परिस्थितियों में लगी, इसके पीछे कौन जिम्मेदार था और क्या यह जेल के भीतर हुई आपराधिक घटना थी। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।




















































