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Showing posts from June, 2026

योग ही स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार_रविंद्र सिंह

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बिलासपुर –अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व सदस्य रविंद्र सिंह ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग आज हम सभी के जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है, जो न केवल शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचय कर हमारी दिनचर्या को व्यवस्थित करने का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एक स्वस्थ जीवन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग के जरिए तन और मन को शुद्ध व मजबूत बनाना अनिवार्य है, विशेषकर प्रतिस्पर्धा के इस आधुनिक दौर में, जहाँ शारीरिक और मानसिक स्थिति को सुदृढ़ रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। श्री सिंह ने योग को रोगों से मुक्ति का  एकमात्र साधन बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार का आह्वान किया और सुझाव दिया कि योग को स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, मंदिरों और धर्मशालाओं जैसे हर क्षेत्र में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए ताकि प्रदेश और देश में एक स्वस्थ समाज की स्थापना हो सके। उन्होंने विशेष रूप से नई पीढ़ी के भविष्य पर चिंता जताते हुए कहा कि आज की अव्यवस्थित जीवनशैली, खान-पान की गलत आदतों,...

छात्रावास अधीक्षक संघ ने बढ़ाई मांग: महंगाई के दौर में शिष्यवृत्ति और अनुरक्षण मद में अविलंब वृद्धि की आवश्यकता

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बिलासपुर–(10 जून 2026)छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ (जिला इकाई, बिलासपुर) ने आज मुख्यमंत्री महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए छात्रावासों की बदहाल स्थिति और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संघ ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2022 से अब तक विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति राशि में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जबकि इस बीच खाद्य सामग्री, दूध, सब्जी, फल और रसोई गैस जैसी दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस बढ़ती महंगाई के कारण वर्तमान में निर्धारित राशि में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और संतुलित भोजन उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे उनके पोषण स्तर पर विपरीत प्रभाव पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अतिरिक्त, संघ ने 'अनुरक्षण मद'  (Maintenance Fund) की अनियमितता का मुद्दा उठाते हुए बताया कि अधिकांश छात्रावासों को मरम्मत, स्वच्छता, पेयजल और विद्युत व्यवस्था के लिए समय पर फंड नहीं मिल पा रहा है। इन आवश्यक सुविधाओं के अभाव में अधीक्षक सीमित संसाधनों के साथ छात्रावास का संचालन करने को मजबूर हैं, जिससे बुनियादी ढांचा लगातार ...