हास्टल मेस राशि में कटौती के आदेश का विरोध, छात्रावास अधीक्षक कल्याण संघ ने विधायक को सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर में छत्तीसगढ़ राज्य छात्रावास अधीक्षक कल्याण संघ ने HMS पोर्टल पर छात्रों की दैनिक उपस्थिति दर्ज करने और अनुपस्थिति के आधार पर मेस राशि में कटौती किए जाने के विभागीय आदेश का विरोध किया है। संघ के जिलाध्यक्ष विकास कुमार तिवारी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने 5 नवंबर को मस्तूरी विधायक को ज्ञापन सौंपकर आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की। संघ का कहना है कि प्रदेश के करीब 3600 आश्रमों और छात्रावासों में लगभग 2 लाख विद्यार्थी रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान में प्री-मैट्रिक छात्रावासों को प्रति छात्र 1275 रुपये और पोस्ट-मैट्रिक छात्रावासों को 1200 रुपये प्रतिमाह भोजन सहायता राशि दी जाती है, जो सत्र 2023-24 से निर्धारित है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इस राशि से प्रतिदिन महज 42.50 रुपये में दोनों समय का भोजन और नाश्ता उपलब्ध कराना पहले ही मुश्किल हो रहा है। ऐसे में दैनिक उपस्थिति के आधार पर मेस राशि में कटौती से सामूहिक भोजन व्यवस्था प्रभावित होगी।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि छात्रावासों में मेस का संचालन सामूहिक व्यवस्था के तहत होता है, जहां व्यक्तिगत अनुपस्थिति के आधार पर खर्च में कटौती करना व्यावहारिक नहीं है। इसी राशि से नियमित भोजन के अलावा रविवार का विशेष भोजन, साबुन, तेल, डिटर्जेंट, राष्ट्रीय पर्वों पर मिठाई वितरण और अन्य गतिविधियों का खर्च भी उठाया जाता है। संघ ने HMS पोर्टल पर प्रतिदिन उपस्थिति और पीडीएफ अपलोड करने की अनिवार्यता को व्यावहारिक बनाने, भोजन सहायता राशि में कटौती पर रोक लगाने और विद्यार्थियों के लिए साल में कम से कम 30 दिन के चिकित्सा अवकाश का प्रावधान करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने इस आदेश पर पुनर्विचार नहीं किया तो प्रदेश के आश्रमों और छात्रावासों की सामूहिक भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर वहां रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा।

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