छात्रावास अधीक्षक संघ ने बढ़ाई मांग: महंगाई के दौर में शिष्यवृत्ति और अनुरक्षण मद में अविलंब वृद्धि की आवश्यकता
बिलासपुर–(10 जून 2026)छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ (जिला इकाई, बिलासपुर) ने आज मुख्यमंत्री महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए छात्रावासों की बदहाल स्थिति और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। संघ ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2022 से अब तक विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति राशि में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जबकि इस बीच खाद्य सामग्री, दूध, सब्जी, फल और रसोई गैस जैसी दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस बढ़ती महंगाई के कारण वर्तमान में निर्धारित राशि में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और संतुलित भोजन उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे उनके पोषण स्तर पर विपरीत प्रभाव पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अतिरिक्त, संघ ने 'अनुरक्षण मद'
(Maintenance Fund) की अनियमितता का मुद्दा उठाते हुए बताया कि अधिकांश छात्रावासों को मरम्मत, स्वच्छता, पेयजल और विद्युत व्यवस्था के लिए समय पर फंड नहीं मिल पा रहा है। इन आवश्यक सुविधाओं के अभाव में अधीक्षक सीमित संसाधनों के साथ छात्रावास का संचालन करने को मजबूर हैं, जिससे बुनियादी ढांचा लगातार कमजोर होता जा रहा है। अपनी मांगों को प्रमुखता से रखते हुए संघ ने शासन से आग्रह किया है कि विद्यार्थियों के व्यापक हित में शिष्यवृत्ति की राशि में तत्काल यथोचित वृद्धि की जाए और अनुरक्षण मद को नियमित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को एक बेहतर आवासीय और शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान बिलासपुर छात्रावास अधीक्षक संघ के जिला अध्यक्ष श्री विकास तिवारी सहित उपाध्यक्ष पामेन्द्र कुर्रे, प्रफुल्ल शर्मा, देवेंद्र पाण्डेय, आलोक शर्मा, राहुल साहू, एल महेश्वर राव, प्रकाश शर्मा, शुखदेव सोनी एवं जिले के समस्त छात्रावास अधीक्षक उपस्थित रहे।

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