बिलासपुर -दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अपने विस्तृत रेल नेटवर्क पर सुरक्षित और सुचारू रेल संचालन को मजबूत करने के लिए ट्रैक रखरखाव के काम में आधुनिक तकनीक और बेहतर कार्ययोजना का इस्तेमाल किया है। लगभग 5,500 ट्रैक किलोमीटर के नेटवर्क पर मौजूदा वित्तीय वर्ष में अत्याधुनिक ट्रैक मशीनों की मदद से 2,042 किलोमीटर प्लेन ट्रैक टैम्पिंग, 907 टर्नआउट टैम्पिंग, 102 किलोमीटर डीप बैलास्ट स्क्रीनिंग, 50 किलोमीटर ट्रैक नवीनीकरण और 58 टर्नआउट का नवीनीकरण पूरा किया गया है। खास बात यह है कि इन कार्यों को उपलब्ध ट्रैफिक ब्लॉकों का बेहतर उपयोग करते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। नागपुर-झारसुगुड़ा मुख्य रेलखंड पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को देखते हुए ट्रैक की गुणवत्ता और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसईसीआर के
विभिन्न मंडलों में 92 अत्याधुनिक ट्रैक मशीनें कार्यरत हैं, जिनके संचालन और रखरखाव के लिए करीब 900 प्रशिक्षित कर्मचारी चौबीसों घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आधुनिक मशीनों और कुशल कर्मचारियों के इस समन्वय से ट्रैक की ज्यामितीय गुणवत्ता बनाए रखने, रखरखाव की प्रक्रिया को तेज करने और रेल परिचालन की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिल रही है। एसईसीआर की यह पहल बताती है कि रेलवे केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि उस रफ्तार को सुरक्षित बनाए रखने के लिए ट्रैक की मजबूती और नियमित रखरखाव पर भी उतना ही ध्यान दे रहा है। यही वजह है कि यात्रियों और माल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण इस रेल नेटवर्क में सुरक्षित, सुचारू और समयबद्ध परिचालन सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।

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