(पढ़ने)करने के बाद सभी लोगो ने दोनों हाथ उठाकर आसमान की ओर देखते हुए पूरी दुनियां, हमारा मुल्क हिंदुस्तान एवं हमारा राज्य छत्तीसगढ़ में आपसी भाईचारा, अमन, सुख-चैन, खुशियाली एवं एक दूसरे के लिए मोहब्बत बनी रहे कि दुआएं *अल्लाह रब्बुल आलमीन* से की गई।
रोजेदारों की दुवाऐ लेने में जनाब बड़े भाई अशफाक कुरैशी, जनाब बड़े भाई अल्ताफ कुरैशी, जनाब भाई इशहाक कुरैशी, जनाब भाई इम्तियाज कुरैशी, जनाब भाई मुन्तजिर कुरैशी, जनाब भाई इरशाद कुरैशी, मोहतरमा रजिया बेग़म (अम्मी)
मोहतरमा रुबीना कुरैशी (भाभी) मोहतरमा इशरत कुरैशी (भाभी) मोहतरमा तैयबा इशहाक कुरैशी, मोहतरमा साजदा कुरैशी (बहु) जनाब शमीम खान (बहनोई) मोहतरमा फौजिया सुल्ताना (बहन) जनाब मोहम्मद इस्माइल (भाई) भतीजे शान, सैफ, शोएब, भांजा अलकाश, भांजी नबिहा, अल्हान नोमा, हुमा, साजिया, अलीजा, अनश, अफरान व पूरे क़ुरैशी परिवार ने अपना हक़ अदा किया।
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