बिलासपुर वनमंडल में महिला वनरक्षक के सम्मान पर चोट: भूपेंद्र डहरिया और साथी पर कार्रवाई की मांग तेज, क्या विभाग बचाएगा साख?
भूपेंद्र डहरिया और उसके सहयोगी की शर्मनाक करतूत: अधिकारी का सख्त संदेश—'महिला की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले नहीं बख्शे जाएंगे'
बिलासपुर वनमंडल के अंतर्गत अनुसंधान एवं विस्तार क्षेत्र में पदस्थ महिला वनरक्षक ओसिन रानी सिंह के साथ हुए अभद्र व्यवहार ने विभाग की कार्यसंस्कृति पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी भूपेंद्र डहरिया और उसके साथी वनरक्षक बसंत महिलांग के खिलाफ विभाग के भीतर और बाहर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़िता द्वारा सौंपे गए वॉयस रिकॉर्डिंग जैसे पुख्ता सबूतों ने इन दोनों की ओछी मानसिकता को उजागर
कर दिया है, जिसमें न केवल महिला कर्मचारी बल्कि उनके परिवार के खिलाफ भी अमर्यादित और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या वन विभाग भूपेंद्र डहरिया और उसके साथी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा या फिर विभागीय साठगांठ और "लेनदेन" के प्रभाव में आकर इस संवेदनशील मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। हालांकि, वनमंडलाधिकारी (DFO) ने स्पष्ट रूप से कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि महिला की गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और मामले की जांच आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को सौंप दी गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन दोनों आरोपियों को महज चेतावनी देकर छोड़ देता है या फिर पुलिस एफआईआर की अनुमति देकर एक नजीर पेश करता है, ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी इस तरह की घिनौनी हरकत करने का साहस न कर सके।

















































