रविंद्र सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को जनता के बीच जाकर संवाद करने का अधिकार है, ऐसे में इस तरह के हमले बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल के काफिले के जाते समय और दिशा बदलकर लौटते समय भी घटना हुई, इसके बावजूद रात में पर्याप्त सुरक्षा नहीं दिए जाने से पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अनिल सिंह चौहान ने बताया कि घटना में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं असम सह प्रभारी मनोज चौहान भी घायल हुए हैं। कांग्रेस नेताओं ने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और भविष्य में कांग्रेस नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
